ग्वालियर। राष्ट्रीय परशुराम सेवा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला अस्पताल मुरार की सिविल सर्जन डॉ. सीमा जयसवाल से मुलाकात कर पूर्व सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार के खिलाफ जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संदीप तिवारी एवं ग्वालियर जिला अध्यक्ष संतोष पाठक के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया।राष्ट्रीय संयोजक संदीप तिवारी ने बताया कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. आर.के. शर्मा द्वारा फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी में लाभ लिया गया है, जबकि कुछ अन्य दस्तावेजों में उन्होंने खुद को सामान्य वर्ग का दर्शाया है। संगठन ने इसकी विधिवत जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने पूर्व सिविल सर्जन पर रोगी कल्याण समिति में आने वाले सरकारी फंड के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। आरोप है कि प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार की मंशा से एक फार्मासिस्ट को क्रय-विक्रय का कार्य सौंपा गया था। जिला अध्यक्ष संतोष पाठक ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रीय परशुराम सेवा जिला स्तर पर वृहद आंदोलन करेगी।यह रहे मौजूद ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में संदीप तिवारी (राष्ट्रीय संयोजक), संतोष पाठक (जिला अध्यक्ष), अखिलेश पांडे (प्रमुख, श्रवण सेवा) के साथ शैलेंद्र राजावत,अवनीश शर्मा,निक्की तोमर,आशु सेंगर,विक्की शर्मा,अनुपम दंडोतिया,राज दंडोतिया,राहुल शर्मा,विजय पाठक,अखिलेश शर्मा,कुलदीप शर्मा,देवदत्त पचौरी,अभय शर्मा,अनुज तिवारी,विपुल दुबे,विनय दीक्षित,विष्णु प्रमुख रूप से शामिल रहे।






