ग्वालियर। देश पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती के अवसर पर ग्वालियर में देशभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। राष्ट्रीय हिंदू एकता संगठन भारत के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल तिरंगा यात्रा में हजारों युवाओं और पूर्व सैनिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।फूलबाग से बारादरी तक देशभक्ति का सैलाबयह विशाल पैदल शोभायात्रा शहर के ऐतिहासिक फूलबाग मैदान से प्रारंभ हुई। यात्रा के दौरान हाथों में तिरंगा लिए हजारों युवाओं और पूर्व सैनिकों का उत्साह देखने लायक था।समापन स्थल: यात्रा का अंतिम पड़ाव मुरार स्थित बारादरी चौराहा रहा।श्रद्धांजलि व आरती: बारादरी पर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भारत माता की आरती उतारी गई एवं राष्ट्रगीत का गायन हुआ।गूंजे देशभक्ति के नारे: ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा।चंद्रशेखर आजाद के पहनावे में दिखे युवाशोभायात्रा का मुख्य आकर्षण शहीद चंद्रशेखर आजाद की वेशभूषा में सजे युवा रहे। सेरु डंडौतिया ने आजाद जी का रूप धरकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।यात्रा का कुशल नेतृत्व राष्ट्रीय हिंदू एकता संगठन भारत के संभाग अध्यक्ष अरविंद तिवारी एवं जिला अध्यक्ष सर्वेश दुबे ने किया।”ग्वालियर-चंबल की माटी क्रांतिकारियों की भूमि है” : धर्मेंद्र सिंह राजावतकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय हिंदू एकता संगठन भारत के संस्थापक कुं. धर्मेंद्र सिंह राजावत उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया।मुख्य अतिथि का संबोधन:”देश पर जब-जब संकट आया है, तब-तब इस माटी से वीर क्रांतिकारी निकलकर सामने आए हैं। चाहे चंद्रशेखर आजाद हों, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, मंगल पांडे हों या फिर पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, इन सभी ने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया। मध्य प्रदेश का ग्वालियर-चंबल अंचल वीरों और क्रांतिकारियों की भूमि है। युवाओं में शहीदों की इसी विचारधारा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवित रखने के उद्देश्य से यह विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई है।”प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थितिइस भव्य आयोजन में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए:सैनिक संगठन: पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया एवं सैकड़ों की संख्या में पूर्व सैनिक भाई।सामाजिक संगठन व प्रतिनिधि: करणी सेना प्रवक्ता सत्यपाल सिंह भदौरिया, राजा चौहान, सेरु डंडौतिया एवं संगठन के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता व पदाधिकारी।






